
महाकुंभ में आज बसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए पधारे श्रद्धालुओं पर हुई पुष्प वर्षा। यह पुष्प वर्षा केवल श्रद्धालुओं का सम्मान नहीं, बल्कि उस एकता और समर्पण का उत्सव है जो हर भेद से परे, हमें एक सूत्र में बाँधती है। यहाँ कोई वर्ग नहीं, कोई भेद नहीं—सिर्फ आस्था, भक्ति और एक साथ बहता प्रेम का अमृत!