World Wetlands Day
विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर प्रकृति और जल से जुड़ी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का स्मरण।
आर्द्रभूमियाँ (Wetlands) केवल जल से भरे क्षेत्र नहीं हैं, बल्कि जीवन की निरंतरता, जैवविविधता और पारिस्थितिक संतुलन की आधारशिला हैं। ये प्राकृतिक जल-भंडार बाढ़ नियंत्रण, भूजल संरक्षण, जल शुद्धिकरण और असंख्य जीव-जंतुओं के आश्रय का कार्य करती हैं। जल, भूमि और जीवन के बीच सेतु बनकर आर्द्रभूमियाँ पृथ्वी की जीवन-प्रणाली को सुदृढ़ करती हैं।
यह संतोष का विषय है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के रामसर नेटवर्क में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
करीब 12 वर्ष पहले 26 आर्द्रभूमियों से बढ़कर आज यह संख्या 98 तक पहुँच गई है, जो 276 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाती है। यह संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
आर्द्रभूमियों का संरक्षण केवल पर्यावरणीय कर्तव्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा है। स्वच्छ जल, संतुलित प्रकृति और सुरक्षित जीवन का आधार आर्द्रभूमियाँ हैं।
आइए, हम संकल्प लें कि इन जीवनदायिनी प्रणालियों की रक्षा कर हरित, स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य की ओर कदम बढ़ाएँ।
#WorldWetlandsDay
