132वां राष्ट्रीय दशहरा मेला, कोटा: मल्लखंभ प्रदर्शन की परंपरा और रोमांच का अद्वितीय संगम
हर साल कोटा का राष्ट्रीय दशहरा मेला पूरे देश में अपनी भव्यता, परंपरा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध होता है। इस वर्ष, 2025 में कोटा मेला अपना 132वां संस्करण मना रहा है, और इस ऐतिहासिक आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण बनने जा रहा है – मल्लखंभ प्रदर्शन।
मल्लखंभ: परंपरा, शक्ति और लय का मेल
मल्लखंभ न केवल भारत की एक प्राचीन खेल-कला है, बल्कि यह आत्म-संयम, संतुलन और साहस का प्रतीक भी है। इसमें कलाकार रस्सी या लकड़ी के खंभे पर हैरतअंगेज़ योगिक मुद्राएं और शारीरिक करतब दिखाते हैं।
कोटा के दशहरा मैदान में जब मल्लखंभ के कलाकार मंच पर उतरते हैं, तो हर दर्शक की नजरें थम जाती हैं। यह केवल एक प्रदर्शन नहीं होता – यह होता है भारत की जीवंत परंपरा का साक्षात दर्शन।
कार्यक्रम विवरण:
तारीख: 06 अक्टूबर 2025, सोमवार
समय: सायं 7 बजे
स्थान: विजयीश्री रंगमंच, दशहरा मैदान, कोटा
इस आयोजन में देशभर से आए मल्लखंभ के विशेषज्ञ अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लिए यह अनुभव प्रेरणादायक और रोमांचकारी होगा।
आमंत्रण
नगर निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आप सभी सपरिवार आमंत्रित हैं।
आइए, अपने सांस्कृतिक धरोहर को करीब से जानें, देखें और गर्व महसूस करें।
क्यों जाएं इस कार्यक्रम में?
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भारत की पारंपरिक कला का सीधा अनुभव
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बच्चों के लिए प्रेरणादायक और शारीरिक जागरूकता बढ़ाने वाला
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दशहरा मेले की रंगीन शाम का अद्भुत समापन
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सांस्कृतिक गर्व और मनोरंजन, दोनों एक साथ
हमारा संदेश:
“कोटा का मेला देखा क्या?” – अगर नहीं देखा, तो इस बार ज़रूर देखिए।
यह सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा का उत्सव है।
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