
आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती पर उनका वंदन।
उनके द्वारा रचित ‘रामायण’ महाकाव्य प्रभु श्रीराम के दिव्य चरित्र का साक्षात्कार कराने के साथ ही हमें सत्य, धर्म, न्याय और नैतिकता के उच्चतम आदर्शों से भी परिचित कराता है।
उनकी रचनाएं जीवन की हर अवस्था में मार्गदर्शक हैं, तथा युगों-युगों तक समाज को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेंगी।